नागफनी के फूल की समीक्षा

रघुविन्द्र यादव के दोहा संग्रह नागफनी के फूल की श्रीमती देवी नागरानी द्वारा की गई समीक्षा वेब पत्रिका साहित्य कुञ्ज में प्रकाशित हुई है|
श्री यादव की दोहा कृति की इससे पहले भी अनेक विद्वानों द्वारा समीक्षा की जा चुकी है, जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकशित हुई हैं| इस कृति में 424 धारदार दोहे शामिल किये गए हैं| पुस्तक का प्रकाशन आलोक प्रकाशन, नीरपुर, नारनौल द्वारा किया गया है और इसकी कीमत मात्र एक सौ रूपये राखी गई है ताकि आम पाठक भी इसे खरीद सके|
डॉ. रामसनेही लाल शर्मा यायावर, अरुण नैथानी, सत्यवीर नहाडिया, डॉ.सुशिल शीलू, रश्मि और देवी नागरानी द्वारा इस कृति की समीक्षा की जा चुकी है|
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं|
http://www.sahityakunj.net/LEKHAK/D/DeviNangrani/nishthavaan_srijan_sadhanaa_Nagfani_ke_phool_Sameeksha.htm

रघुविन्द्र यादव के दोहा संग्रह नागफनी के फूल की श्रीमती देवी नागरानी द्वारा की गई समीक्षा वेब पत्रिका साहित्य कुञ्ज में प्रकाशित हुई है|
श्री यादव की दोहा कृति की इससे पहले भी अनेक विद्वानों द्वारा समीक्षा की जा चुकी है, जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकशित हुई हैं| इस कृति में 424 धारदार दोहे शामिल किये गए हैं| पुस्तक का प्रकाशन आलोक प्रकाशन, नीरपुर, नारनौल द्वारा किया गया है और इसकी कीमत मात्र एक सौ रूपये राखी गई है ताकि आम पाठक भी इसे खरीद सके|
डॉ. रामसनेही लाल शर्मा यायावर, अरुण नैथानी, सत्यवीर नहाडिया, डॉ.सुशिल शीलू, रश्मि और देवी नागरानी द्वारा इस कृति की समीक्षा की जा चुकी है|
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं|
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