पुरस्कृत दोहे

चित्र से काव्य प्रतियोगिता

भारत से सदभाव की, मिलती नही मिसाल/
केशव की लीला करें, अब्दुल और बिलाल//

सलमा पाले श्याम को, गंगाजी रहमान/
कहें गर्व से हम सभी, मेरा देश महान//

फजलू अब गीता पढ़ें, केशव पढ़ें क़ुरान/
आल्हा भी रहमत करें, खुश होंवें भगवान//

केशव पलें सलीम घर , अली नंद के द्वार/
यही हमारी कामना, यही धर्म का सार//

बिस्मिल पंडित जात के, ख़ान वीर अशफ़ाक़/
ढूँढे से मिलता नही, ऐसा रिश्ता पाक//

-रघुविन्द्र यादव

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